क्या छत्तीसगढ़िया कथावाचकों की जानबूझकर होती है अनदेखी? पं. युवराज पांडेय हुए आहत…..
रायपुर। सत्य लाइव। क्या छत्तीसगढ़िया कथावाचकों की जानबूझकर अनदेखी होती है, क्या आयोजन की पूर्व सूचना के बाद भी स्थानीय या छत्तीसगढ़िया कथावाचकों के पंडालों को पर्याप्त सुरक्षा और तवज्जो नहीं दी जाती। आरोप तो ये भी हैं कि कुछ बाहरी बाबाओं की आवभगत में प्रोटोकॉल के उलट शासन की सुविधाओं का बेजा इस्तेमाल तक…
