महासमुंद। सत्य लाईव। महासमुंद जिले में पुलिस और साइबर सेल की टीम ने नशे के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। इस खबर की पूरी जानकारी नीचे विस्तार से दी गई है:
- कैसे पकड़ी गई खेप?
महासमुंद पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से एक एंबुलेंस (Ambulance) के जरिए भारी मात्रा में नशीले पदार्थ की तस्करी की जा रही है। पुलिस ने तत्काल नेशनल हाईवे-53 पर घेराबंदी की और संदिग्ध एंबुलेंस को रोका। - एंबुलेंस का इस्तेमाल क्यों?
तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए एंबुलेंस का सहारा लिया था ताकि चेकिंग के दौरान किसी को शक न हो और वे आसानी से बैरियर पार कर सकें। लेकिन पुलिस ने जब गहन तलाशी ली, तो एंबुलेंस के अंदर मरीज की जगह गांजे के पैकेट ठूस-ठूस कर भरे हुए थे। - जब्त सामान की कीमत
मात्रा: पुलिस ने करीब 5 क्विंटल (520 किलो) से अधिक गांजा बरामद किया है।
कीमत: अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस जब्त गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 2.60 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
वाहन: तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एंबुलेंस को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। - आरोपियों की गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो मूल रूप से राजस्थान और मध्य प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। ये लोग ओडिशा से खेप लेकर दूसरे राज्यों की ओर जा रहे थे। इनके पास से मोबाइल और कुछ नकद पैसे भी मिले हैं। - पुलिस का बयान
महासमुंद एसपी ने बताया कि जिले के सीमावर्ती इलाकों में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार ‘चेक पोस्ट’ सक्रिय किए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है कि इस बड़े सिंडिकेट के पीछे और कौन-कौन शामिल है।
