बिलासपुर। सत्य लाईव। बिलासपुर में नशे के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई काफी बड़ी मानी जा रही है। इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे का नेटवर्क इस प्रकार है:
1. कैसे हुई कार्रवाई?
बिलासपुर की सिविल लाइन पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बाहरी राज्य के नंबर वाली एक कार में नशीली दवाओं की बड़ी खेप शहर में प्रवेश करने वाली है। पुलिस ने शहर के प्रवेश द्वारों पर नाकाबंदी की। जब संदिग्ध कार को रोका गया, तो तलाशी के दौरान कार की डिक्की और पिछली सीट के नीचे विशेष रूप से बनाए गए खानों में भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप की बोतलें मिलीं।
2. बरामदगी और कीमत
मात्रा: पुलिस ने कुल 700 बोतल नशीली सिरप जब्त की है। कीमत: अवैध बाजार में इन बोतलों की कीमत लाखों में आंकी जा रही है क्योंकि नशेड़ी इसे तय कीमत से 4-5 गुना ज्यादा दाम पर खरीदते हैं। गिरफ्तारी: पुलिस ने मौके से दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो उत्तर प्रदेश (UP) के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
3. तस्करी का “UP-बिलासपुर” कनेक्शन
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश से सस्ती दरों पर थोक में ये दवाएं खरीदता था। चूंकि छत्तीसगढ़ में इन पर कड़ा प्रतिबंध है, इसलिए वे इन्हें चोरी-छिपे लाकर बिलासपुर और आसपास के इलाकों के छोटे पेडलर्स (बेचने वालों) को सप्लाई करते थे। तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए कार का इस्तेमाल किया था ताकि किसी को शक न हो।
4. युवा पीढ़ी पर मंडराता खतरा
यह सिरप सीधे तौर पर युवाओं और छात्रों को निशाना बनाकर लाई जा रही थी। पुलिस अब उन स्थानीय लोगों की तलाश कर रही है जो बिलासपुर में इस खेप की डिलीवरी लेने वाले थे। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से शहर के भीतर चल रहे एक बड़े नशे के जाल (Drug Syndicate) का खुलासा हो सकता है।
