धमतरी। सत्य लाईव। धमतरी जिले में वन विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई पर्यावरण और कीमती वन संपदा की सुरक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। इस खबर का पूरा विवरण नीचे दिया गया है:
1. मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई :
धमतरी के वनांचल (Forest Area) क्षेत्रों में बेशकीमती लकड़ी की तस्करी की शिकायतें पिछले कुछ समय से मिल रही थीं। वन विभाग की टीम को खबर मिली कि एक ट्रक में अवैध रूप से काटकर रखी गई सागौन (Teak) की लकड़ियां शहर से बाहर ले जाई जा रही हैं।
2. फिल्मी स्टाइल में पीछा और जब्ती :
वन विभाग के उड़नदस्ते ने रात के वक्त संदिग्ध ट्रक का पीछा किया। तस्करों ने टीम को देखते ही वाहन की रफ्तार बढ़ा दी, लेकिन घेराबंदी के कारण वे ट्रक को सड़क किनारे छोड़कर घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। जब ट्रक की तलाशी ली गई, तो उसमें भारी मात्रा में सागौन की लकड़ियां (Logs) लदी हुई पाई गईं।
3. जब्त माल की कीमत और मात्रा: ट्रक में लगभग कई घन मीटर सागौन के लट्ठे भरे हुए थे।कीमत: बाजार में इस उच्च गुणवत्ता वाली लकड़ी की कीमत लगभग 10 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
वाहन: लकड़ी के साथ-साथ तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रक को भी वन अधिनियम के तहत राजसात (Confiscate) कर लिया गया है।
4. तस्करों का नेटवर्क :
वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इन लकड़ियों को धमतरी के जंगलों से काटकर बाहरी राज्यों जैसे ओडिशा या महाराष्ट्र भेजने की योजना थी। पुलिस और वन विभाग अब ट्रक के मालिक का पता लगा रहे हैं ताकि फरार तस्करों तक पहुँचा जा सके।
