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बस्तर की धड़कन: चित्रकोट महोत्सव की तैयारियां शुरू, सजने लगा ‘भारत का नियाग्रा’

बस्तर। सत्य लाईव। विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात (Chitrakote Falls) के पास आयोजित होने वाले वार्षिक ‘चित्रकोट महोत्सव’ की तारीखों का ऐलान जल्द होने वाला है। प्रशासन ने यहाँ बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के लिए बजट जारी कर दिया है। इस बार महोत्सव में बस्तरिया संस्कृति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों को आमंत्रित करने की योजना है।

बस्तर के विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट महोत्सव को लेकर प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच काफी उत्साह है। इस खबर का पूरा विवरण और इसके खास पहलू नीचे दिए गए हैं:

1. महोत्सव का आयोजन और महत्व :

चित्रकोट जलप्रपात, जिसे “भारत का नियाग्रा” कहा जाता है, वहाँ हर साल इस महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, कला और पर्यटन को बढ़ावा देना है। 31 जनवरी 2026 की ताज़ा अपडेट के अनुसार, जिला प्रशासन ने कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर ली है और बजट भी स्वीकृत हो गया है।

2. पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार :

होमस्टे सुविधा: पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन आसपास के गाँवों में ‘होमस्टे’ (Homestays) को बढ़ावा दे रहा है, ताकि लोग बस्तरिया जीवन को करीब से देख सकें।

सुरक्षा और लाइट शो: महोत्सव के दौरान चित्रकोट जलप्रपात पर विशेष ‘कलरफुल लाइटिंग’ की जाएगी, जो रात के समय जलप्रपात की खूबसूरती में चार चाँद लगा देगी।

3. सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आकर्षण :

महोत्सव के दौरान बस्तर के पारंपरिक लोक नृत्य जैसे मड़ई, डंडारी और गेंड़ी नृत्य का प्रदर्शन किया जाएगा। स्थानीय हस्तशिल्प (Terracotta and Bell Metal) के लिए विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। इस साल कुछ बॉलीवुड और बड़े लोक कलाकारों को भी बुलाने की चर्चा चल रही है।

4. स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ :

इस महोत्सव के जरिए बस्तर के स्थानीय कलाकारों और व्यापारियों को एक बड़ा मंच मिलता है। हजारों की संख्या में आने वाले पर्यटकों से होटल, परिवहन और गाइड जैसे व्यवसायों को काफी मुनाफा होता है।

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